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नशे के कारोबार में नैनीताल पूरे कुमाऊँ में अव्वल



कुमाऊँ के अन्य जिलों की तुलना में पिथौरागढ सबसे पीछे


मुनीब रहमान, नैनीतालः रोजगार व पलायन के साथ मदिरा का नशा पहाड़ों की विकट समस्या पहले से ही रही है और अब स्मैक व नशीली गोलियाप पहाड़ के युवाओं को तबाह करने में लगा हुआ है। इस दिशा में मित्र पुलिस भले ही नशा रोकथाम के लाख दावे कर रही हो लेकिन कुमाऊँ अंचल में युवा बूरी तरह इस नशे की गिरफत में नजर आ रहे हैं। नैनीताल जैसे विश्व विख्यात पर्यटन नगरी में नशे की पवृत्ति सबसे अधिक है। ताजे आंकडे तो यही बता रहे हैं।


आईजी कार्यालय से प्राप्त आकंडो के अनुसार नैनीताल जिले में पिछले आठ माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत 189 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में लिप्त 228 आरोपियों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजा गया है। इस कारोबार मे दूसरा स्थान उधमसिंह नगर आता है। इस जिले में कुल 150 मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। जिनमें पुलिस ने 208 लोगों को जेल भेजा है। नैनीताल व उधमसिंह नगर की तुलना में अल्मोडा व चंपावत जिलों में इस कारोबार का आंकडा बहुत कम है। अल्मोडा में 35 मामले सामने आए हैं जिनमें 64 आरोपियों को पुलिस ने गिरफतार कर जेल भेजा है। इसी क्रम में चंपावत में 36 लोगों को नशे के कारोबार में गिरफतार किया है और तीन दर्जन लोगों को जेल भेजा है। इसके बाद पांचवा नंबर बागेश्वर का आता है। इस जिले में अल्मोडा व चंपावत से कुछ ही कम है, जो 31 मामले पंजीकरण किए हैं और 33 लोगो को जेल भेजा है। इसके अलावा पिथौरागढ में सबसे कम नौ मामले सामने आए। जिनमें 14 लोगों को गिरफतार किया गया है। यह सिर्फ आठ माह के आंकडे हैं जो एक जनवरी से 31 अगस्त के बीच के हैं। पूरे कुमाउ में कुल 450 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 583 को जेल भेजा गया है।

इसके बावजूद पहाडी अंचल में नशे में डूबे युवा अक्सर नजर आते हैं। जिससे यह लगता नही कि स्मैक के कारोबार को रोकने में पुलिस कार्रवाई प्रयाप्त नही है। नैनीताल जनपद के सबसे अधिक मामलो को देखकर हैरत होती है कि आईजी मुख्यालय मौजूद होने के बावजूद यह तेजी से फलफूल रहा है।





आंकडों की हकीकत से कहीं अधिक हो सकती है संख्या

नैनीतालः सिर्फ आंकडों से जमीनी हकीकत का पता नही चल सकता । इस दिशा में पुलिस को तेज अभियान चलाए जाने की सख्त जरूरत है। तभी इस कारोबार कमी लाई जा सकेगी और नशे में डूबे युवाओं को बचाया जा सकता है।



15 से 21 साल के युवा अधिक हो रहे इसका शिकार

नैनीतालः यह बेहद गंभीर है कि स्मैक व नशीली गोली की लत युवाओं में अधिक बड रही। इन युवाओं की उम्र 15 से 21 साल के बीच सर्वाधिक हैं। कक्षा नौवीं से इंटर के बीच पढने वाले युवाओं पर इसका अधिक असर नजर आ रहा है। इन युवाओं पर स्कूल प्रबंधन समेत अभिभावकों को अपने बच्चों की देखभाल की सख्त जरूरत है।


नैनीताल आईजी कुमाऊँ नीलेश आनंद भरणें ने कहा कि छोटे पेडलरो का न पकड़कर पुलिस का फोकस बड़े तस्करों पर है ताकी नशे के कारोबार की रीड की हड्डी को तोड़ा जा सके। एसटीएफ के साथ लगातार संयुक्त अभियान विभिन्न स्थलों पर छापे मेरी की जा रही है। फलस्वरूप कई बार सफलता भी हाथ लगी है।



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