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ग्लोबल वॉर्मिंग शोध को लेकर भारत व नॉर्वे एक दूसरे के मददगार

नैनीताल: ग्लोबल वॉर्मिंग शोध को लेकर भारत व नॉर्वे एक दूसरे के मददगार हो सकते हैं, क्योंकि जलवायु के लिहाज है भारत व नॉर्वे एक दूसरे पूरक हैं। भारत जितना गर्म है, नॉर्वे उतना ही ठंडा है। यह विचार नॉर्वे के राजदूत हॉस जैकब फ्रेडनलेण्ड ने गुरुवार को पत्रकारों से कही। वह नैनीताल प्रवास पर पहुचे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है, जिसका प्रभाव समूचे विश्व पर पड़ रहा है। मौसम परिवर्तन के कारण आये दिन कंही न कंही आपदाऐं घटित होते रहती है। वैश्विक स्तर पर तापमान निरन्तर बढ़ते जा रहा है। जिसके चलते आंधी ,तूफान , बाढ़ के अलावा ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। आने वाले समय में इस तरह की आपदाएं ना बड़े, इसके लिए अभी से सार्थक कदम उठाने की जरूरत है। इस दिशा में भारत व नॉर्वे एक दूसरे को अपने देश के मौसम सम्बंधित आंकड़े देकर जलवायु में आ रहे परिवर्तन पर नजर रख सकते हैं और भावी योजनाएं बना सकते हैं। उन्होंने तकनीक को लेकर कहा कि आईटी के क्षेत्र में नॉर्वे काफी है। जिसे वह भारत के साथ बाटना चाहेंगे। उन्होंने नैनीताल को लेकर कहा कि यह खूबसूरत हिल स्टेशन है। हर कोई यंहा आना चाहेगा। उन्होंने नैनीताल के बारे में सुना था। जिस कारण वह यंहा घूमने चले आये।


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