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नैनीताल : सीएम ने किया नैनीझील में जल गुणवत्ता आकलन प्रणाली का लोकार्पण

Updated: Aug 15

नैनीझील के जल से लोग आचमन कर सकें, इसके लिए प्रयासरत है सरकार: त्रिवेंद्र

विधायक संजीव की मांग पर रैमजे अस्पताल को पीपीपी मोड पर देने की घोषणा की

सीएम बोले बलियानाले के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं पर हो रहा काम





नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। लिहाजा सरकार चाहती है कि नैनीझील का जल इतना शुद्ध हो कि हम उससे आचमन कर सकें। इसके लिए सरकार विशेष रूप से प्रयासरत है। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने  तल्लीताल डांठ में जिला प्रशासन और यूएनडीपी की ओर से नैनीझील में एक करोड़ की लागत से स्थापित हो रहे जल गुणवत्ता आकलन प्रणाली के लोकार्पण के दौरान कही। 


इस दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक संजीव आर्य की मांग पर रैमजे अस्पताल को पीपीपी मोड पर देने की स्वीकृति देते हुए कहा कि इस बाबत जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने नैनीझील के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। 


सीएम ने कहा कि जल गुणवत्ता आकलन प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता को भी बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि नैनीताल में एसटीपी और पार्किंग बनाने को सरकार ने मंजूरी दे दी है। बलिया नाले पर अल्पकालीन और दीर्घकालीन दोनों योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नारायण नगर में पार्किंग के लिए 25 बीघा भूमि आवंटित हो चुकी है। रानीबाग से हनुमानगढ़ी रोपवे का प्रस्ताव भी गतिमान है। 


सौंग, जमरानी बांध बनने से 125 करोड़ की बिजली बचेगी

जल गुणवत्ता आकलन प्रणाली के लोकार्पण के दौरान सीएम रावत ने कहा कि सौंग और जमरानी बांध बनने से 125 करोड़ रुपये की बिजली की बचत होगी। अल्मोड़ा में तड़ागताल के पुनर्जीवन एवं संरक्षण के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। स्थानीय शिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आवास नीति के तहत स्थानीय शिल्प में बनाए जा रहे भवन में एक और मंजिल बनाने की स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश में 720 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 


जल गुणवत्ता के आंकड़े एसएमएस से लोगों तक पहुंचेंगे


कार्यक्रम में डीएम सविन बंसल ने कहा कि जल गुणवत्ता के सतत मापन के लिए मल्लीताल पंप हाउस और तल्लीताल एरिएशन प्लांट में सेंसर स्थापित किए गए हैं, जिनसे झील के पानी की गुणवत्ता संबंधित आंकड़ों को तल्लीताल डांठ में महात्मा गांधी के मूर्ति के पास एलईडी स्क्रीन पर आम जनमानस के लिए प्रसारित किया है। इतना ही नहीं, जल गुणवत्ता के विस्तृत आंकड़े एसएमएस और एप से भी लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।




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